ऑपरेशन ग्रीन हंट रोके सरकार - अखड़ा
अखड़ा महासम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन ऑपरेशन ग्रीन हंट बंद करने का प्रस्ताव पारित करते हुए सरकार से इसे तुरंत रोकने की मांग की गयी. इसी के साथ जल, जंगल, जमीन, विस्थापन, पुरखा अधिकार आदि के मुद्दे छाए रहे। वहीं हासा और भासा के स्वाभिमान तथा झारखंडी अस्तित्व व पहचान को लेकर भी चिंता जाहिर की गई।
‘अखड़ा’ महासम्मेलन 23-24 अप्रैल 2010 को रांची में
‘झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा’ का द्वितीय महासम्मेलन 23-24 अप्रैल 2010 को रांची में आयोजित होगा। द्वितीय महासम्मेलन का केन्द्रीय थीम है - जल, जंगल, जमीन पर मालिकाना हक, पुरखा अधिकार और स्वशासन, हासा और भासा के स्वाभिमान तथा झारखंडी अस्तित्व और पहचान के लिए भाषा कर रही है दावा। रांची विश्वविद्यालय, रांची के मोरहाबादी स्थित जनजातीय एवं क्षेत्राीय भाषा विभाग के परिसर में आयोजित महासम्मेलन में छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम, अंडमान, झारखण्ड सहित देश भर से बड़ी संख्या में झारखण्डी लेखक, भाषाविद, साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, संस्कृतिकर्मी और बुद्धिजीवी शामिल होंगे।
कलिंग संकट के बाद पुलिस के खौफ से जूझते आदिवासी
शासकों के हृदय परिवर्तन से पहले क्या कलिंग में और खून बहेगा? बालीघोट्टा गांव उड़ीसा के कलिंगनगर से ज्यादा दूर नहीं है जहां 2 जनवरी 2006 को राज्य पुलिस ने गोली मारकर 14 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। आज वहां तनाव व्याप्त है। वह एक ऐसा गांव है जहां के लोग गिरफ्तारी के भय से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
|
|
Join hands with cultural movement of Jharkhand!
Join akhra & save, protect, preserve Adivasi Languages and culture.
Send your valuable support, suggestons & donation at johar@sahiya.net
|